भाग 1 · अध्याय 43
पुरुष हो, पुरुषार्थ करो
162 सूत्र · पृष्ठ 2 / 3
संयम –
विवेक –
विवेक –
क्षमा –
संयम –
क्षमा –
भक्ति –
चरित्र –
विनम्रता –
समृद्धि –
ज्ञान –
ज्ञान –
चरित्र –
मन –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
ज्ञान –
चरित्र –
चरित्र –
मन –
मन –
समृद्धि –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –
सत्य –
चरित्र –
समय –
दान –
संयम –
मन –
ज्ञान –
चरित्र –
चरित्र –
चरित्र –