Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
Truth

सत्य

198 सूत्र · पृष्ठ 1 / 3

जल से वस्त्र शुद्ध होते हैं, सत्य से मन शुद्ध होता है, अहिंसा से आत्मा पवित्र होती है और ज्ञान से बुद्धि शुद्ध होती है।
सत्य
जब तुम्हारा मन सत्य से विमुख होकर असत्य की ओर झुकने लगे तो समझ लो कि तुम्हारा सर्वनाश निकट ही है।
सत्य
दूसरों के निर्णय पर जीने वाला व्यक्ति कभी भी सत्य के दर्शन नहीं कर पाता है।
सत्य
सत्य की खोज करने वाले में निर्भयता का गुण होना ही चाहिए।
सत्य
पूर्ण स्वतंत्रता में ही सत्य से साक्षात्कार होता है।
सत्य
असत्य आत्मा को खा जाता है और सत्य आत्मा को पुष्ट करता है।
सत्य
जिससे प्राणियों का अत्यन्त हित होता हो वह वास्तव में असत्य सत्य है, इसके विपरीत जिससे किसी का अहित होता हो वो सत्य भी अधर्म है। धर्म की सूक्ष्मता देखो।
सत्य
झूठ से जो पाऊँगा वह पाना नहीं खोना है और सत्य से जो खोता है वह खोना नहीं पाना है।
सत्य
असत्य में शक्ति नहीं है अपने अस्तित्व के लिए भी असत्य को सत्य का आश्रय लेना पड़ता है।
सत्य
किसी ने सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को कभी भटकते नहीं देखा है।
सत्य
सत्य के लिए हर वस्तु की बलि दी जा सकती है, पर सत्य की बलि किसी भी वस्तु के लिए नहीं दी जा सकती है।
सत्य
सारे पुण्यों और सद्गुणों की जड़ 'सत्य' है।
सत्य
समय मूल्यवान अवश्य है किन्तु सत्य समय से भी अधिक मूल्यवान है।
सत्य
झूठी तसल्ली देर सवेर चिंता का कारण होती है।
सत्य
ईमानदारी कोई मुखौटा नहीं है जिसे चाहे जब पहनें या उतार दें, यह तो चरित्र का अविभाज्य अंग है।
सत्य
जैसा तू बोलता है वैसा तू लिख और जैसा तू लिखता है वैसा तू दिख।
सत्य
यदि आप चाहते हो कि लोग आपके साथ सच्चाई का व्यवहार करें तो आप स्वयं सच्चे बनो और दूसरे लोगों के साथ सच्चा व्यवहार करो।
सत्य
यदि आपके जीवन में सच्चाई है तो उसका असर अपने-आप लोगों पर पड़ेगा।
सत्य
सत्य के रास्ते पर असफल हो जाना असत्य के रास्ते पर सफल हो जाने से लाख दर्जा बेहतर है।
सत्य
सत्य में सब बातों का समावेश हो जाता है।
सत्य
ऐसा हो ही नहीं सकता कि महान् व्यक्ति में सादगी, अच्छाई और सत्य न हो।
सत्य
मनुष्य के मार्ग पर नहीं प्रभु के मार्ग पर चलो, यह मत कहो कि हमें अमुक व्यक्ति के मार्ग पर चलना है बल्कि यह कहो कि हमें सत्य के मार्ग पर चलना है क्योंकि मनुष्य कितना भी महान् हो सदा अपूर्ण ही हैं।
सत्य
साधक को सत्य-तत्त्व का अनुयायी होना चाहिए, किसी व्यक्ति, सम्प्रदाय आदि का अनुयायी नहीं।
सत्य
जो व्यक्ति सच्चाई के मार्ग पर चलता है वह हर प्रकार की उलझनों से दूर रहता है किन्तु जो व्यक्ति गलत तरीकों से आगे बढ़ता है उसका जीवन समस्याओं और उलझनों में घिरा होता है।
सत्य
जिसके हृदय में सत्य है उसके हृदय में परमात्मा विराजते हैं।
सत्य
जब आप सच्चाई की राह पकड़ लोगे तो सब राहें आसान हो जायेंगी।
सत्य
गरीबी की रोटियाँ खा लेना पर कलंक के रसगुल्ले मत खाना।
सत्य
कलंक के रसगुल्लों से ईमानदारी की सूखी रोटी अच्छी है।
सत्य
सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।
सत्य
अगर तराजू पर एक ओर समस्त पाप और दूसरी ओर असत्य बोलने का पाप रखा जाये तो दोनों समान कहे हैं। झूठ की उम्र लम्बी नहीं होती है।
सत्य
सत्य वह दौलत है जिसे पहले खर्च करो और जिन्दगी भर आनन्द पाओ और झूठ वह कर्ज है, जिससे क्षणिक सुख पाओ पर जिन्दगी भर चुकाते रहो।
सत्य
सत्य पर कोई विश्वास नहीं करता, झूठ पर सब विश्वास करते हैं, शराब बेचने वाले को कहीं नहीं जाना पड़ता, दूध बेचने वाले को गली-गली जाकर बेचना पड़ता है, इसी प्रकार सत्य को बार-बार परीक्षा देनी पड़ती है।
सत्य
शरीर में जैसे प्राणों का मूल्य है, वैसे ही समस्त सद्गुणों में सत्य का मूल्य है।
सत्य
सत्य जिसका डगमग होता उसकी सत्ता डगमगा जाती है।
सत्य
यदि सत्य के लिए अपनी देह त्यागना पड़े तो त्याग दीजिए, यही अन्तिम ममता है जिसे छोड़ना होगा।
सत्य
सत्य की नाव हिलेगी-डुलेगी पर डुबेगी नहीं।
सत्य
जो तटस्थ होता है वही सत्य को समझ सकता है और जो विकल्पों को दूर रख सकता है वह तटस्थ होता है।
सत्य
सत्यवादी को वचन सिद्धि हो जाती है।
सत्य
वह सत्य भी असत्य है जिससे धर्म और धर्मात्मा पर अँगुली उठती हो।
सत्य
ऐसा सत्य भी झूठ है, जिससे शान्ति भंग होती है।
सत्य
मनुष्य झूठ बोलकर जीवन की काफी सम्पदा खो देता है।
सत्य
झूठ बोलने पर कई बातें याद रखना पड़ती हैं किन्तु सच बोलने पर कुछ भी याद नहीं रखना पड़ता है।
सत्य
झूठ दुनिया भर में घूमता-फिरता है, सच मजबूती से कदम जमाए रहता है।
सत्य
झूठ से जो पाया जाता है, वह पाना नहीं खोना है और सत्य से जो खोया जाता है वह खोना नहीं पाना है।
सत्य
झूठ बोलना कायरता की निशानी है।
सत्य
झगड़े में सत्य हमेशा खो जाता है।
सत्य
मान-सम्मान, वैर-विरोध, लोभ-हास्य में असत्य भी सत्य जैसा दिखता है परन्तु होता नहीं है। सत्य उनके लिए कड़वा है, जो कामवासना और असत्य में जीते हैं।
सत्य
खुली आँख का सपना आँख बन्द होने पर और बन्द आँख का सपना आँख खुलने पर झूठा होता है।
सत्य
सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग, तारीफ चाहे झूठी हो सुनकर खूब मुस्कुराते हैं लोग।
सत्य
स्वार्थ पूर्ति के लिए बोले गये सत्य वचन भी असत्य से बढ़कर हैं।
सत्य
दूसरों का विश्वास पाने के लिए जीवन में सरलता और सहजता लाइए।
सत्य
कपट एक न एक दिन पतन की खाई में गिराता है।
सत्य
जो दूसरों को छलता है, वह नरक में जाकर उछलता है।
सत्य
भूल करने में तो पाप है ही लेकिन उसे छिपाने में उससे बड़ा पाप है।
सत्य
पाप कभी छिप नहीं सकता अतः धोखा देने वाले को अवश्य ही धोखा खाना पड़ता है यह ध्रुव सत्य है।
सत्य
सरलता ही अपने आप में प्रार्थना है।
सत्य
बच्चों का मन अन्दर से मंदिर, बाहर बन्दर होता है।
सत्य
मनुष्य शरीर धारण करके भी जो शठता, धूर्तता और कपट का व्यवहार करते हैं वे मनुष्य रूप में पशु माने गये हैं।
सत्य
छल, कपट, धोखा, मायाचारी करने वाला व्यक्ति मोर के समान होता है जैसे मोर देखने में सुन्दर, बोलने में मधुर बोलता है किन्तु उसका भोजन सर्प होता है।
सत्य
जहाँ भी छल-कपट है वहाँ अपने सद्भावों की हत्या है, शुभ विचारों का नाश है, शुभ विचारों के अभाव में पतन निश्चित है इसलिए कपटवादी नहीं स्पष्टवादी बने।
सत्य
अपने स्वभाव को इतना सरल बनाइये कि सपने में भी आपसे किसी का बुरा न हो।
सत्य
निष्कपटता की परीक्षा स्वार्थ साधन के अवसर पर हो जाती है।
सत्य
हम अगर किसी धार्मिक स्थल पर प्रार्थना करते हैं तो मन से कम दूसरों को दिखाने के उद्देश्य से ज्यादा करते हैं।
सत्य
दगाबाजी से धन जमा करना ऐसा है जैसा कि मिट्टी के कच्चे घड़े में पानी भर कर रखना है।
सत्य
मौन रहने से सत्य मृत नहीं हो जाता है।
सत्य
सत्य से धर्म की रक्षा होती है, योग से विद्या सुरक्षित होती है, सफाई से सुन्दर रूप की रक्षा होती है और सदाचार से कुल की रक्षा होती है।
सत्य
न्याय में देरी करना, अन्याय को बढ़ावा देना है।
सत्य
अन्याय में सहयोग करना अन्याय करने के ही समान है।
सत्य
सच्चा बोल (एक दाम) और सच्चा तोल 'व्यापार उन्नति' का मार्ग है।
सत्य
ईमानदारी की जड़ें बहुत गहरी होती हैं।
सत्य
अन्याय की भूमि पर न्याय की फसल पैदा होना असंभव है।
सत्य
न्याय पुस्तकों को पढ़कर नहीं, अपराधी के हालातों को देखकर करना चाहिए।
सत्य
जब सब तरकीबें असफल हो जाएँ, तो सच बोल दीजिए।
सत्य
सहनशील होना अच्छी बात है, परन्तु अन्याय का विरोध करना उससे भी उत्तम है।
सत्य
यदि आप सच कहते हैं तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं है।
सत्य