Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
Time

समय

176 सूत्र · पृष्ठ 1 / 3

जो 'वर्तमान' में नहीं जीता है वह कभी 'वर्द्धमान' नहीं बन पाता है।
समय
हर दिन यह सोचकर जियो कि आज जीवन का आखिरी दिन है।
समय
दुनिया का सबसे दरिद्र व्यक्ति वह है जिसके पास अपने लिए समय नहीं है।
समय
जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
समय
समय का सदुपयोग करने वाला मोक्षमार्गी होता है।
समय
मनुष्य का बचपन कभी-कभी लौटता भी है अर्थात् वृद्धावस्था में भी बचपन जैसी दशा हो जाती है पर यौवन कभी वापस नहीं आता है।
समय
समय आये बिना वज्रपात होने पर भी मृत्यु नहीं होती है और समय आ जाने पर पुष्प भी प्राणी का प्राण हर लेता है।
समय
मनुष्य की आयु सौ वर्ष की अवधि में सीमित है, उसका आधा रात्रि में बीत गया, शेष का आधा बालत्व और वृद्धत्व में बीत गया शेष भाग रोग वियोग, दुःखादि के साथ सेवा आदि में बीत गया जल की तरंग के समान अत्यधिक चंचल जीवन में प्राणियों को सुख कहाँ मिलता है?
समय
'आयु' तो वायु से भी चंचल कमल पत्र पर स्थित जल बिन्दु के समान है।
समय
आगामी कल के विषय में डींग मत मारो क्योंकि तुम नहीं जानते कि कल क्या लेकर आयेगा।
समय
आत्महित के कार्य करने वाला मरने के कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।
समय
वक्त पर एक टाँका लगा दिया जाए तो बाद में नौ टाँके नहीं लगाने पड़ते हैं।
समय
आज को इस प्रकार जिएँ कि वह कल के लिए यादगार बन जाए।
समय
मानव जीवन समय काटने को नहीं पाप काटने को मिला है।
समय
समय के पूर्णतः पाबंद रहें, आप घड़ी दिखाने के लिए नहीं, समय पर कार्य करने के लिए पहनते हैं।
समय
समय सभी के लिए २४ घंटे ही है, बेहतर प्रबंधन से २५ घंटे जितना कार्य २४ घंटे में किया जा सकता है।
समय
पूरा शरीर सिर्फ नौ महीने में बन जाता है, जीवन निर्माण के लिए ९० वर्ष मिलते हैं।
समय
जो समय बचाना चाहता है वह एक भी अनावश्यक बात नहीं करता है।
समय
परिवर्तन प्रकृति का नियम है, जब अच्छे दिन नहीं रहे तो बुरे दिन भी नहीं रहेंगे।
समय
जब तालाब भरता है तो मछलियाँ चींटियों को खाती हैं और जब तालाब खाली होता है तो चींटियाँ मछलियों को खाती हैं। मौका सबको मिलता है बस अपनी बारी का इंतजार करो।
समय
परिवर्तन प्रकृति का नियम है, जब अच्छे दिन नहीं रहे तो बुरे दिन भी नहीं रहेंगे।
समय
जीवन को क्षण भर कहा जाता है, इसका तात्पर्य है, एक भी क्षण बर्बाद न करो।
समय
टाइम-टेबल हमारे जीवन को व्यवस्थित रखता है।
समय
समय पर रोने से आँसू भी मोती बन जाते हैं और असमय पर हँसी व मुस्कुराहट भी मौत बन जाती है। समय के साथ चलो वरना पीछे रह जाओगे और पछताओगे।
समय
भूत को भूलना ही श्रेयस्कर है।
समय
अपने सुख के दिनों का स्मरण करने से बड़ा दुःख कोई नहीं है।
समय
बीती बातों को भुला देने में ही आपकी भलाई है।
समय
भविष्य को समझने के लिए अतीत का अध्ययन करना आवश्यक है क्योंकि हमें वही गलतियों से बचाता है।
समय
बीस वर्ष की उम्र में इंसान अपनी इच्छा से चलता है, तीस में बुद्धि से और चालीस में अपने अनुभव से।
समय
परिवर्तन के साथ, परिवर्तन की सही रफ्तार के साथ अपना कदम ताल जरूरी है।
समय
अधिकांश बड़े लक्ष्य हासिल न हो पाने का कारण यह है कि हम छोटे कामों को करने में पहले अपना समय बिता देते हैं।
समय
हर कार्य समय पर करने वाला अपने लक्ष्य को पाता है।
समय
कोई व्यक्ति इतना अमीर नहीं होता की अपना गुजरा समय खरीद सके और न कोई इतना गरीब होता है कि अपना आने वाला कल न बदल सके।
समय
अगर आज आप समय को बर्बाद करोगे तो कल समय आपको बर्बाद कर देगा।
समय
समय और अवसर को खोना, अपने जीवन के साथ खिलवाड़ करना और सफलता खोना है। जो समय की कीमत करता है, समय उसकी कीमत करता है।
समय
सफलता समय के पाबंद व्यक्ति के ही चरण पखारती है।
समय
वक्त और टीचर दोनों सिखाते हैं फर्क इतना है टीचर सिखाकर परीक्षा लेता वक्त परीक्षा लेकर सिखाता है।
समय
ठीक समय पर किया हुआ थोड़ा-सा भी कार्य बहुत उपकारी होता है और समय बीतने पर किया हुआ महान् उपकार भी व्यर्थ जाता है।
समय
हानि क्या है? अवसर चूक जाना।
समय
असमय में किया हुआ कार्य न किया हुआ जैसा ही होता है।
समय
लेने-देने और करने योग्य कार्य यदि तुरन्त नहीं कर लिए जाते तो समय उसका रस पी जाता है।
समय
समय मूल्यवान है पर सत्य समय की अपेक्षा अधिक मूल्यवान है।
समय
जो समय बचाते हैं वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन कमाये हुए धन के बराबर है। इसलिए जिन्हें समय का मूल्य नहीं, वे दुनिया का कितना धन खो देते होंगे इसका हिसाब कौन लगा सकता है?
समय
समय रूपी अमृत बहता जा रहा है, संभव है तुम्हें प्यास बुझाने का अवसर फिर न मिले।
समय
जो समय चिंता में गया, समझो कूड़ेदान में गया, जो समय चिंतन में गया, समझो तिजोरी में जमा हो गया।
समय
चक्रवर्ती की सम्पूर्ण सम्पदा से भी मनुष्य भव का एक समय कीमती है।
समय
जो समय को नष्ट करता है, उसे समय नष्ट कर देता है।
समय
समय को नहीं कर्मों को काटो।
समय
समय का सदुपयोग करने वाला ही समयसार (आत्मा के सार) को उपलब्ध कर पाता है।
समय
समय हाथ से निकल जाने पर केवल पश्चाताप ही हाथ लगता है।
समय
समय एवं सम्पत्ति का सदुपयोग करो, स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
समय
यदि आपको जीवन प्यारा है तो समय को व्यर्थ मत गँवाओ।
समय
जो समय की कीमत नहीं करता वह कोई महान् कार्य नहीं कर सकता है।
समय
घड़ी घंटा की टक्कर मनुष्यों के आगे यही कहती है कि हितकारी धर्म का संचय कर लो क्योंकि गयी हुई घड़ी वापस नहीं आती है।
समय
घड़ी, घड़ी-घड़ी सचेत करती है कि समय को सार्थक करो।
समय
भविष्य की कल्पना छोड़ो, अतीत की चिंता छोड़ो, वर्तमान में जीना सीखो।
समय
हमें किसी खास समय का इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि हर समय को खास बनाने की पूरी कोशिश करना चाहिए।
समय
जो बेवक्त पर काम करते हैं वह नियम से असफल होते हैं।
समय
जो अपने वर्तमान को सार्थक करता है, उसका भविष्य भी सार्थक होता है।
समय
यह मानना कि वर्तमान समय खराब है, जीवन का बहुत बड़ा भ्रम है, अरे! अपने हृदय पर अंकित करो कि प्रत्येक समय वर्ष का सर्वोत्तम दिन है।
समय
भूतकाल में जीना मोह का परिणाम है, भविष्य में जीना लोभ का परिणाम है, वर्तमान में जीना कर्मयोग है।
समय
भविष्य की कल्पना छोड़ो, अतीत की चिंता छोड़ो, वर्तमान में जीना सीखो।
समय
भूत को भूल जाओ, वर्तमान को संभालों, भविष्य अपने आप सँभल जायेगा।
समय
भूतकाल से प्रेरणा लेकर वर्तमान में उज्ज्वल भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।
समय
समय निकल जाने के उपरांत किया गया श्रेष्ठ कर्तव्य भी निष्फल ही होता है।
समय
संसार में सबसे बड़ा वही शस्त्र है जो वक्त पर काम आवे।
समय
समय का उल्लंघन करने से सरलता से किया जाने वाला कार्य भी अत्यन्त कठिन हो जाता है।
समय
पर्याय का विनाश सुनिश्चत है, अतः इसका सदुपयोग कर लो।
समय
वक्त आपका है चाहे सोना बना लो या सोने में गुजार दो।
समय
समय की कीमत ही जीवन का मूल्य है।
समय
मेरे लिए वर्तमान ही सब कुछ है, भविष्य की चिन्ता हमें कायर बना देती है, भूत का भार हमारी कमर तोड़ देता है।
समय
समय और धन अमूल्य है, मौत करीब है अतः समय और धन को अच्छे कार्य में लगा लो।
समय
अगर हम चाहते हैं कि हमें पछताना न पड़े तो हमें समय के महत्त्व को पहचानना होगा, समय की पाबंदी को आत्मसात् करना होगा।
समय
हमें समय नहीं काटना, सोचो नर देह को काटने की बात कर रहे हो, कसाई छुरी से मूक प्राणियों को काटता है, आप नर देह को गप्पों में, टी.व्ही. देखकर, तास खेल कर, पेपर पढ़कर काट रहे हो, जिन्हें भविष्य की चिंता नहीं वे ही समय काटने की सोचते हैं, वे कभी श्मशान घाट या अस्पताल में जाकर नारकी हालात को देख आये होते तो फिर समय नहीं कर्म काटने की सोचते।
समय
समय का नियमित विभाग न करके किए जाने वाले कार्य अस्त-व्यस्त हो जाते हैं।
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