परिश्रम से थके व्यक्ति द्वारा बिना विश्राम किए तत्काल पिया हुआ पानी और भक्षण किया हुआ भोजन ज्वर या वमन पैदा कर देता है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
मन को हर्ष व आनन्दमय बनाओ, इससे हजारों प्रकार की क्षतियों से बचोगे और दीर्घजीवी बनोगे। स्वास्थ्य 0 – भेजें
सदाचारी, श्रद्धावान् और ईर्ष्या रहित मनुष्य सौ वर्ष तक जीवित रहता है चाहे वह सब प्रकार के शुभ लक्षणों से हीन हो। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जितनी कैलोरी शरीर में बन रही है वह प्रतिदिन खर्च होना जरूरी है अन्यथा बची कैलोरी मोटापा बढ़ाती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
अगर हम चाहते हैं कि हमारा शरीर पूरी ईमानदारी से २४ घंटे हमारा साथ दे तो एक घंटा व्यायाम के माध्यम से उसका ख्याल रखना चाहिए। स्वास्थ्य 0 – भेजें
हमारा शरीर जन्म से मृत्यु तक लगातार कार्य करता है और हम मशीन से बढ़कर इसका उपयोग करते हैं। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जाग्रत मन को पूरे शरीर से तालमेल हेतु प्रत्येक डेढ़ घंटे पश्चात् लगातार कार्य करने पर मस्तिष्क की ग्रहण क्षमता क्षीण हो जाती है इसलिए बीच में विषय बदलना आवश्यक है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
मस्तिष्क का सीधा रिश्ता आपके मानसिक संतुलन, कार्य कुशलता, कार्यक्षमता और स्वास्थ्य से है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
ब्रेन हेमरेज, माइग्रेन जैसी बीमारियों से बचने के लिए आधा घंटे विचारों/चिंताओं पर काबू पाकर स्वयं पर ध्यान केन्द्रित करें। स्वास्थ्य 0 – भेजें
स्वास्थ्य ही जीवन की खुशियों को जीवंत बनाता है, अच्छे स्वास्थ्य के बिना हर खुशी नीरस होती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जब एक अंगुल शरीर में ९६ रोग हो सकते हैं तो आप शरीर से स्वस्थ कैसे रह सकते हैं, हाँ शरीर के अस्वस्थ होने पर चित्त को स्वस्थ रख सकते हो, शरीर अस्वस्थ हो जाये तो मोक्षमार्ग में कोई बाधा नहीं आती है, लेकिन यदि चित्त अस्वस्थ हो गया तो फिर शरीर भले ही स्वस्थ बना रहे तो भी मोक्षमार्ग में नियम से बाधा आती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
हरड़ मनुष्य के लिए माता के समान हितकारी होती है माता तो कभी कुपित भी हो जाती है पर उदरस्थ हरड़ कभी कुपित नहीं होती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
प्यास बहुत भयंकर व तुरन्त प्राण विनाशनी होती है अतः जीवन धारण करने के लिए आवश्यक जल प्यासे को देना चाहिए। स्वास्थ्य 0 – भेजें
अजीर्ण में जल औषधि है और जीर्ण में जल बल प्रदान करने वाला है। आधे भोजन के बीच जल अमृत है और भोजन के पश्चात् जल विष है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
अपनी उन्नति चाहने वाले पुरुषों को वही वस्तु खानी चाहिए, जो खाने योग्य हो, पच सके और पच जाने पर हितकारी हो। स्वास्थ्य 0 – भेजें
शरीर के लिए औषधि की कोई आवश्यकता न हो, यदि खाया हुआ भोजन पच जाने के बाद ही दुबारा भोजन किया जाये एवं शान्ति पूर्वक किया हुआ भोजन ही दीर्घायु का सर्वोत्तम उपाय है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जो व्यक्ति मूर्खता से अपनी प्रकृति के प्रतिकूल एवं जठराग्नि से ज्यादा ठूस-ठूस कर खाता है उसे अनगिनत रोग घेरे ही रहते हैं। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जिसके हृदय में करुणा, प्रेम, दया एवं अनुराग होता है उसके शरीर में स्वास्थ्यवर्धक श्वेत कणों की वृद्धि होती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
सिर्फ दिल है जो बिना आराम किए सालों साल काम करता रहता है, अतः इसे हमेशा खुश रखिये चाहे अपना हो या दूसरों का। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जो हितकारी आहार-विहार करता है, सोच-विचार कर काम करता है, विषयों में आसक्त नहीं होता है, दानी है, समतावान है, सत्यनिष्ठ है, क्षमावान है और ज्ञानियों की सङ्गति करता है वह हमेशा नीरोग रहता है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
विश्राम और शिथलीकरण- शारीरिक एवं मानसिक मेहनत के बीच-बीच में विश्राम (योग निद्रा) करते रहें। स्वास्थ्य 0 – भेजें
अच्छी नींद लीजिए- अच्छी मानसिकता से, सात्विक भोजन व शान्तिपूर्ण जीवन से सुखद नींद आती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
सही मुद्राओं में रहें स्थिर एवं सीधी आसन से बैठें जिससे गर्दन, रीड की हड्डी, कमर आदि पर गलत असर न हो। स्वास्थ्य 0 – भेजें
आपके मन पर तापमान, जलप्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मानसिक प्रदूषण प्रभाव डालते हैं, इनसे बचें। स्वास्थ्य 0 – भेजें
जो भोजन, निद्रा और व्यायाम चिन्ता रहित होकर करता है तथा सदा हँसमुख रहता है वह दीर्घायु होता है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
हास्य वह मिश्री है जो उपदेश की कड़वी कुनैन को भी इतना मीठा बना देती है कि बच्चों से लेकर बूढ़े तक उसे बड़ी रूचि से खा लेते है, हास्य पाचन क्रिया को ठीक करने की बहुत अच्छी दवा है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
अधिक बैठे रहने से, अधिक भोजन से, अधिक विषय सेवन से, मलमूत्र रोकने से, अधिक जागने से, अभक्ष्य भक्षण से रोगों की उत्पति होती है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
'अर्ध रोग हरी निद्रा, सर्व रोग हरी क्षुधा' सोने से आधा रोग दूर होता है और भोजन करने से पूरा रोग दूर होता है। स्वास्थ्य 0 – भेजें
मरने के लिये चुटकी भर जहर काफी होता है और जीने के लिए स्वस्थ सन्तुलित आहार लेना जरूरी है। स्वास्थ्य 0 – भेजें