Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 79

वाणी वीणा हो, बाण नहीं

165 सूत्र · पृष्ठ 2 / 3

जो मनुष्य अपने दु:खों को गाता है वह उन्हें चौगुना करता है।
वाणी
सत्य के अनन्य भक्त के लिए मौन आध्यात्मिक नियंत्रण का एक अंग है।
वाणी
मधुर (मीठा) खाकर कटु बोलना न्याय संगत नहीं है।
वाणी
अनुभव के बिना बोलना विनाश का कारण होता है।
वाणी
भाषण सत्य हो तो संसार के बहुत से अनर्थ यूँ ही रूक जाएँ।
सत्य
भाषा हमें इसलिए दी गयी थी कि हम एक-दूसरे से रूचिकर बातें कर सकें।
वाणी
जिस बेटे को बाप बचपन में बोलना सिखाता है, वही बेटा पचपन की उम्र में बाप को चुप रहना सिखाता है।
परिवार
प्रत्येक मनुष्य कहना पसंद करता है, सुनना नहीं।
वाणी
दिमाग को आराम देने के लिए मौन रहिये।
वाणी
अपनी जुबान को हार बनाइये, हथियार नहीं।
वाणी
हँसी-मजाक में भी कहे कड़वे वचन आदमी के दिल में चुभ जाते हैं।
वाणी
वाणी ही एक ऐसा आभूषण है जो अन्य आभूषणों की तरह कभी घिसता नहीं है।
वाणी
हृदय को सरल व वाणी को निर्दोष रखना चाहिए।
वाणी
वाणी से बढ़कर चरित्र की निश्चित परिचायिका और कोई चीज नहीं।
चरित्र
मैं कथनी की अपेक्षा करनी में अधिक विश्वास रखता हूँ।
वाणी
यदि आपको बूढ़ों का ज्यादा बोलना अच्छा नहीं लगता तो उनसे यह शिक्षा लो कि कल जब आप बूढ़े होगे तो जरूरत से ज्यादा न बोलोगे।
वाणी
सामने वाले व्यक्ति को ज्यादा बातें करने दें।
वाणी
भाषण मस्तिष्क का दर्पण है।
वाणी
कुशल वाणी बड़े-बड़े विरोधी वक्ताओं को भी बिल्कुल मूक बना देती है।
वाणी
दूसरों को उपदेश देना सरल है।
वाणी
मुँह से एक शब्द गलत निकल जाए तो रामायण होते-होते महाभारत हो जाता है।
वाणी
मधुर शब्दों में कही हुई बात अनेक प्रकार से कल्याण करती है किन्तु वही बात यदि कटु शब्दों में कही जाए तो महान् अनर्थ का कारण बन जाती है।
वाणी
किसी भी बात पर वाद-विवाद बढ़ा कि मन का संतुलन नष्ट हो जाता है।
मन
किसी को शोर करते हुए देखें तो समझें उसकी शक्ति कम हो गई हैं।
वाणी
यदि आपके एक शब्द से भी किसी को कष्ट पहुँचता है तो आप अपनी सब भलाई नष्ट हुई समझो।
वाणी
शब्दों का उपयोग कंजूस की भाँति करना चाहिए।
वाणी
शब्दों के माध्यम से पूर्ण की अभिव्यक्ति सम्भव नहीं है।
वाणी
सत्य वही कहना चाहिए, जिससे दूसरों का हित हो।
सत्य
सत्य स्वयं को विज्ञापित करने का कोई उपाय नहीं खोजता है।
सत्य
सत्य सबकी रक्षा करता है पर सत्य की सब हत्या करते हैं।
सत्य
जिनके साथ सत्य है वह अकेला होता हुआ भी बहुमत में है।
सत्य
सत्य समय से बढ़कर मूल्यवान है।
सत्य
सत्य बहुमत की अपेक्षा नहीं रखता आचरण और अनुभूति की अपेक्षा रखता है।
सत्य
सत्य के लिए सन्तों का चरित्र पढ़ना और उनका मनन करना आवश्यक है।
सत्य
सत्य के लिए हर वस्तु की बलि दी जा सकती हैं किन्तु सत्य की बलि किसी भी वस्तु के लिए नहीं दी जा सकती।
सत्य
तुम एकमात्र सत्य पर आरूढ़ होओ, इस बात से भयभीत मत होओ कि अधिकांश लोग तुम्हारे विरुद्ध हैं।
सत्य
सत्य की साधना करने वाला साधक सब ओर दु:खों से घिरा रहकर भी घबराता नहीं है, विचलित नहीं होता है।
सत्य
सत्य से कष्ट होता हो तो भी सत्य नहीं छोड़ो और असत्य से लाभ होता हो तो भी असत्य का अवलंबन न लो।
सत्य
यदि सत्य की ओर बढ़ने में एक हजार धारणाएँ धाराशायी होती हों तो भी हमें आगे बढ़ने से रुकना नहीं चाहिए।
सत्य
दीर्घ संसारी जीव को सत्य सुई के समान चुभता है।
सत्य
सत्य परेशान हो सकता है परास्त नहीं।
सत्य
जहाँ सत्य बोलना संभव न हो, तो झूठ बोलने से तो चुप रहना ही बेहतर है।
सत्य
सत्य का स्थान हृदय में है मुख में नहीं, केवल मुख से निकलने के कारण ही कोई बात सत्य नहीं हो जाती है।
सत्य
जो समय बचाना जानता है वह अनावश्यक बात एक भी नहीं करेगा।
समय
हर आदमी की बात सुनो परन्तु अपनी बात बहुत कम किसी को सुनाओ।
वाणी
जो ज्यादा जानता है वह कम बोलता है और जो ज्यादा बोलता है वह कम जानता है।
वाणी
प्रवचन में जो तुम श्रोताओं से कहते हो, वह अपने से भी कहो।
वाणी
वेशभूषा से विदूषक भी आकर्षण कर लेता है, पर वह स्थायी नहीं वाणी का आकर्षण स्थाई होता है।
वाणी
'बहुभाषिणो न श्रद्धति लोक:' संक्षिप्त और सारयुक्त वचन अच्छे वक्ता का लक्षण है, बहुत बोलने वाले का लोग विश्वास नहीं करते हैं।
वाणी
नर्स की सहानुभूतिपूर्ण वाणी रोगी को स्वस्थ करती है, कर्कश वाणी रोग बढ़ाती है।
वाणी
अध्यापक की क्रोध भरी फटकार विद्यार्थी की मेधा को कुंठित करती है।
वाणी
लिखे हुए शब्द क्रान्ति नहीं लाते बोले हुए शब्द क्रान्ति लाते हैं।
वाणी
जीवन में ७५ प्रतिशत से अधिक कार्य बोलकर ही करने है, अच्छा सेल्समेन का अच्छा वक्ता होना आवश्यक है। सफल वक्ता आत्म विश्वास से भरा होता है।
वाणी
दर्शकों को बताइये कि आप क्या कहने जा रहे हैं, उसे कहिये और फिर उन्हें बताइये कि आपने क्या कहा है।
वाणी
अपनी भाषा पर जरा ध्यान दीजिए अन्यथा आप अपना भाग्य खराब कर लेंगे।
वाणी
नाप-तौल कर बोलें और कम से कम शब्दों में अपनी बात को रखें, शब्दों का चयन भी सही हो।
वाणी
'ना' कहने से कई तरह की परेशानी से आप बच सकेंगे। समय भी बचेगा और सम्बन्ध भी मधुर रहेंगे।
वाणी
खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं।
विविध
इंसान के द्वारा उपयोग में आने वाले सभी शब्दों में सबसे जादुई और करिश्माई शब्द है 'धन्यवाद'। शिक्षा, चिकित्सा आदि में पैसे से ज्यादा महत्त्व धन्यवाद का होता है।
वाणी
अगर आपका कोई कार्य रुक गया है या नहीं हो रहा है तो उस कार्य को करवाने की शक्ति इस 'धन्यवाद' शब्द में है।
वाणी