वाणी हँसी-मजाक में भी कहे कड़वे वचन आदमी के दिल में चुभ जाते हैं। Bitter words spoken even in jest pierce the heart. — आराध्य सूत्र · #6409 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
दूसरों की निंदा और अपनी प्रशंसा करने से नीचगोत्र का बंध होता है और वह बंध दूसरे गुणस्थान तक ही होता है अतः निंदा करने वाला नियम से ही मिथ्यादृष्टि पापी है। वाणी 0 – भेजें