Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 63

सोच बदलो, सितारे बदल जाएंगे

71 सूत्र · पृष्ठ 2 / 2

विशेष शुद्ध मन सबसे अच्छा और बड़ा तीर्थ है।
मन
मदारी बन्दर को शिक्षित कर जैसा चाहे वैसा नचा लेता है, वैसे ही मन को शिक्षित करके अपना दास बना लें फिर जैसा आदेश देंगे मन वही करेगा।
मन
जीवन में मन की शान्ति का मूल्य सम्पत्ति और स्वास्थ्य से कहीं ज्यादा है।
मन
किसी ने पूजा की और किसी ने उपवास रखा, हमने कुछ नहीं किया बस माँ-बाप को अपने पास रखा है।
परिवार
समीचीन विचारों की पगडंडी से सिंहासन का रास्ता भी दूर नहीं होता है।
मन
खुद पर विजय सबसे बड़ी जीत, खुद से हार जाना शर्मनाक हार है।
संयम
जो समय चिन्ता करते बीता वह समझो कूड़े दान में डाल दिया और जो समय चिन्तन में लगा समझो कि वह ब्याज सहित लौटाने वाली बैंक में जमा हो गया है।
समय
तुम बोलो या न बोलो इस बात का गम नहीं है, तुम मुस्कुराकर देख लो यह भी बोलने से कम नहीं है।
वाणी
दुनिया के सभी देवी-देवता की प्रतिमा खिले कमल पर विराजमान है बन्द कमल पर नहीं अतः आप भी अपने हृदय कमल को प्रसन्न रखो जिससे परमात्मा विराजमान हो सकें।
भक्ति
सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती सहज ही मुस्कुराने से। फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा मुँह बनाने से ॥
विविध
यदि जीवन में निर्दोष हो तो कभी सफाई मत देना।
चरित्र