Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 2 · अध्याय 46

पेड़, पशु, मनुष्य।

7 सूत्र

हम प्रगति की ऊँचाईयों को छू रहे हैं, और दूध की जगह दारू पी रहे हैं।
चरित्र
घड़ी (WATCH) का रहस्य- W=Word-शब्द-हर समय जो शब्द बोलते हो वह हित-मित-प्रिय हो। A=Action-चेष्टा- हर समय जो कार्य करते हो उसे ठीक और सहजता से करो। T=Time-समय-हाथ से निकला समय वापस नहीं आता, हर क्षण का महत्व समझें। C=Character-चरित्र- अपना चरित्र अच्छा रखो कमाने में समय लगता है खोने में नहीं। H=Health-स्वास्थ्य-स्वास्थ अच्छा रखों।
समय
संस्कार हीन जैनी- उड़ान भरते हुये वायुयान खराब हो गया, परिचारकों ने घोषणा कर दी कि सुरक्षा असम्भव, उसमें 73 व्यक्ति यात्रा कर रहे थे, घोषणा सुनते ही ईसाईयों ने बाइबिल पढ़ना शुरू कर दिया, मुसलमानों ने कुरान की आयतें बोलना शुरू कर दीं, कोई गीता का पाठ करने लगा, उसी वायुयान मे तीन जैनी भाई थे वे कुछ भी स्मरण न कर दरवाजे की ओर देख रहे थे, कि दरवाजा खुले और नीचें कूदें, उनके पास न पाठ करने को कुछ था न भगवान का स्मरण, क्योंकि वे संस्कार हीन थे।
भक्ति
ससुराल में बेटी को कोई भला-बुरा कह दे तो सह लेती है, और यदि उसके माँ-बाप को कुछ कहा, तो झाँसी की रानी बन कर सामने आती है, इधर बेटों के सामने बहु सास-ससुर से कुछ कह दे, तो निकम्मे बेटे चुप्पी नहीं तोड़ते हैं।
परिवार
जङ्गल के राजा शेर को खरगोश ने अपनी युक्ति से कुये में पटक कर जङ्गल के सब जीवों को सुखी कर दिया, इसी तरह पाप रूपी शेर को संसार रूपी कुये में पटक कर अपनी आत्मा को सुखी करना चाहिए।
कर्म
कुत्ते को काँच का महल- कुत्ते को काँच के महल में रात को छोड़ दिया वह अपने ही प्रतिबिम्ब को देखकर रातभर भौंकता रहा कोई दूसरा कुत्ता नहीं था, स्वयं की छाया थी, ये संसारी प्राणी भी पर को नहीं निज को भोग कर स्वयं मर रहा है।
मन
पेड़, पशु और मनुष्य में अन्तर- पेड़ के पास न तो गति है और न ही दिशा, पशु के पास गति तो है लेकिन दिशा नहीं, पर मनुष्य के पास गति भी है और दिशा भी, अतः मनुष्य सम्पूर्ण है, पशु कभी उसी जीवन में इंसान नहीं बन सकता, पर इंसान कभी भी उसी जीवन में पशु बन सकता है, मनुष्य में प्रभु और पशु दोनों बनने की सम्भावना है, मनुष्य एक सीढ़ी है, एक ही सीढ़ी ऊपर चढ़ने के भी काम आती है और नीचे उतरने के भी काम आती है।
ज्ञान