Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 2 · अध्याय 407

सत्य अहिंसा।

11 सूत्र

सुखी रहें सब जीव जगत् के, कोई कभी न घबरावे। नहीं सताऊँ किसी जीव को झूठ कभी नहीं कहा करूँ।
अहिंसा
''माता'' का सम्बोधन भारत के साथ है पर अन्य देशों के साथ नहीं।
Misc.
राष्ट्र पिता की बेटी 'आजादी' है, उसकी रक्षा के लिये पति का चुनाव होता है।
Misc.
'जियो और जीने दो' के स्थान पर 'पियो और पीने दो' चलने लगा है।
आहार
हम दो हमारे दो के स्थान पर, देश और समाज होना चाहिये, अतः धर्म की रक्षा के लिये इन दो की जरूरत है।
धर्म
सत्य अहिंसा प्रेम का बस हमसे इतना नाता है, दीवालों पर लिख देते हैं, दीवाली में पुत जाता है।
सत्य
बाह्य स्वतन्त्रता तो मिल गई पर, आन्तरिक स्वतन्त्रता तो इन्द्रियों के जीतने पर ही मिलेगी।
संयम
आज हमें मानव मात्र का दुःख दर्द मिटाना है, क्योंकि हमें सत्य और अहिंसा का बिगुल बजाना है।
अहिंसा
महात्मा गाँधी जी नेता कम, साधक ज्यादा थे।
चरित्र
दिल के फोले जल उठे, सीने के एक दाग से। घर में ही आग लग गयी, घर के ही चिराग से।।
परिवार
ढोल की पोल-नरतन बड़ा अनमोल- सब कुछ डांवा डोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढोल के भीतर पोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को। दाने गिनकर दाल मिलेगी, गेहूँ की बस छाल मिलेगी, पानी के इञ्जेक्शन होंगे, घोषित रोज इलेक्शन होंगे। हलवाई हैरान मिलेंगे, विन चीनी मिष्ठान्न मिलेंगे, जलने वाला खेल मिलेगा, बस मिट्टी का तैल मिलेगा। शीशी में पेट्रोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढोल के भीतर पोल..।। रोते हुए बाजार मिलेंगे, हँसते हुए सियार मिलेंगे, धन्धे केवल काले होंगे, जमकर के घोटाले होंगे। ऊसर होंगे, बञ्जर होंगे, सूखे हुए समन्दर होंगे, पेड़ न होंगे, हवा न होगी, अस्पताल में दवा न होगी। कटा-फटा भूगोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढोल के अन्दर पोल.....।। भारी-भारी बस्ते होंगे, आँसू सबसे सस्ते होंगे, बच्चे बौने हो जायेगें, स्वयं खिलौने हो जायेगें। पढ़े-लिखे बेकार मिलेंगे, हाथों में हथियार मिलेंगे, पुण्य न होगा, पाप ही होगा, राम-नाम का जाप न होगा। मारकाट का बोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढोल के भीतर पोल.....।। सारे कवि स्वच्छन्द मिलेंगे, विना भाव के छन्द मिलेंगे, गीत न होंगे, गले न होंगे, आँख किसी की सजल न होगी। मञ्चों पर लफ्फाजी होगी, सिर्फ चुटकुले बाजी होगी, जो सस्तें में बिक जायेंगे, उतने ज्यादा टिक जायेंगे। मात्र यही किल्लोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढ़ोल के भीतर पोल.....।। राजनीति में तन्त्र मिलेगा, इक गहरा षडयन्त्र मिलेगा, न सुभाष न गाँधी होगें, खादी में अपराधी होंगे। जनता गूँगी-बहरी होगी बेबस कोट-कचेरी होगी, गुण्डों को संरक्षण होगा, संसद में आरक्षण होगा। हर क्षेत्र में राजनीति का रोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढ़ोल के भीतर पोल.....।। प्यासों की भी रैली होगी, गङ्गा बिल्कुल मैली होगी, घरों-घरों में फैक्स लगेगा, सांसों पर भी टैक्स लगेगा। कम्प्यूटर की माया होगी, बेकारी की छाया होगी, चादर नीचे पड़ी मिलेगी, खटिया सबकी खड़ी मिलेगी। सबका बिस्तर गोल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढ़ोल के भीतर पोल.....।। बाहर से डॉलर आयेंगे, उनको वही देख पायेंगे, जो अंग्रेजों के प्यारे होंगे, भारत के हत्यारे होंगे। आज हँस रहे कल रोओगे, पता नहीं कितना खोओगे, आजादी की लाश मिलेगी, जनता बहुत उदास मिलेगी। मातम का माहौल मिलेगा, आने वाली पीढ़ी को, ढ़ोल के भीतर पोल.....।।
Misc.