कर्तृत्व बुद्धि से कुटुम्ब आदि के कारण झूठ बोलता है, असत्य के दो कारण हैं कषाय और अज्ञान। सत्य 0 – भेजें
असत्य बोलने से मुख सम्बन्धी रोग, गूँगा, तोतला, दुःस्वर, तथा वाणी सम्बन्धी दुर्गुण एवं एकेन्द्रियादि में जन्म होता है। कर्म 0 – भेजें
अग्नि से जला हरा भरा वन तो पुनः हरा भरा हो जाता है, किन्तु जिह्वा रूपी अग्नि से जला चिरकाल तक हरा भरा नहीं होता है। वाणी 0 – भेजें
जो अज्ञानी मनुष्यगति में सत्य को छोड़ दे, वह बाद में कौन से कर्म से संसार सागर को पार करेगा? सत्य 0 – भेजें
लोक में चाण्डाल, उल्लू, बिल्ली, भेड़िया, सियार और कुत्ता को तो लोग पसन्द करते हैं पर झूठ बोलने वाले को कोई पसन्द नहीं करता है। सत्य 0 – भेजें
पर का अनादर व निन्दा और अपनी प्रशंसा से जो नीच गोत्र कर्म का बन्ध होता है, वह अनेक करोड़ों जन्मों में नष्ट करना दुष्कर है। कर्म 0 – भेजें