Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 26

मुस्कुराती शकल से आती अकल

75 सूत्र · पृष्ठ 2 / 2

यदि प्रसन्न रहना चाहते है तो प्रशंसा सुनने के साथ आलोचना सुनने की शक्ति बढ़ाएँ।
संतोष
प्यार का सबसे खूबसूरत पौधा जमीं पर नहीं दिलों में उगता है।
विविध
हँसता हुआ चेहरा आपकी शान बढ़ाता है मगर हँसकर किया हुआ कार्य आपकी पहचान बढ़ाता है।
चरित्र
फूलों की तरह महकते रहो, सितारों की तरह चमकते रहो, किस्मत से मिली है ये जिन्दगी, खुद भी हँसों औरों को भी हँसाते रहो।
संतोष
हँसी मन की गाँठें बड़ी आसानी से खोल देती है, हँसकर भी जीना है रोकर भी जीना है जब जीना ही है तो क्यों न हँसते-हँसते जिया जाये। अमीर दिल ही मुस्करा सकता है।
संतोष
हँसी मनुष्य के लिए सबसे बड़ा वरदान है क्योंकि जीव जगत् में सिर्फ मनुष्य ही हँस सकता है।
संतोष
चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो, खुद न रुठो पर सबको हँसा दो, यही राज है जिन्दगी का, जियो और जीना सिखा दो।
संतोष
पता है तुम्हारी और हमारी मुस्कान में क्या फर्क है? तुम खुश होकर मुस्कुराते हो, हम तुम्हें खुश देखकर मुस्कुराते हैं। मुस्कुराना एक ऐसा उपहार है बिना मोल के भी जो अनमोल है, देने वाले का कुछ कम नहीं होता पाने वाला निहाल हो जाता है।
संतोष
हँसी खतरनाक नहीं, उसके पीछे छुपा व्यंग्य खतरनाक है।
वाणी
उदयसुन्दर की हँसी भी ठीक थी क्योंकि वज्रबाहु को मोक्षमार्ग में लगा दिया था।
धर्म
द्रौपदी ने हँसी में कहा था—अंधों के अंधे होते हैं परिणाम स्वरूप महाभारत हुआ।
वाणी
हँसकर बोलने से गंभीर बात भी प्रभावशाली नहीं हो पाती है।
वाणी
हम अपने प्रण का पालन करते हैं, डाटफटकार सहते हैं और खुश रहते है क्योंकि रंज करना अधर्म कहा है।
संतोष
दूसरों को प्रसन्न रखने की कला स्वयं प्रसन्न होने में है। सौम्य होने का अर्थ स्वयं से व दूसरों से संतुष्ट होना है।
संतोष
भय रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर देता है और रक्त को विषाक्त तक कर देता है, हँसी और प्रफुल्लता रक्त परिसंचरण में वृद्धि करते हैं, वे रक्त के लिए शक्तिवर्धक हैं।
स्वास्थ्य