Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अहिंसा

प्राणिपञ्चेन्द्रिया ज्ञेयाः, सत्त्वाः साधारणाह्वयाः। प्रत्येकधातवो भूताः, जीवास्तु विकलेन्द्रियाः।।

पञ्चेन्द्रिय को प्राणी, साधारण वनस्पति को सत्त्व, पृथ्वी–जल–अग्नि–वायु को भूत एवं विकलेन्द्रियों को जीव कहते हैं।

The five-sensed are called prani, common (nigod) plant life is called sattva, earth-water-fire-air are called bhuta, and the incomplete-sensed are called jiva.

— आराध्य सूत्र · #4

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