Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अहिंसा

जो छना जल पीते हैं वे इस जगत् में भव्य एवं बुद्धिमान् हैं, अन्यथा पाप से विकल हृदय वाले पुरुष पशु तुल्य हैं।

Those who drink filtered water are the worthy and wise in this world; otherwise, men with hearts corrupted by sin are like beasts.

— आराध्य सूत्र · धर्मोपदेश पीयूष श्रावकाचार · #253

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वायु से ताड़ित, पत्थर तथा घटीयन्त्र से ताड़ित एवं सूर्य की किरणों से संतप्त वापिका के जल को मुनि प्रासुक मानते हैं, यद्यपि उपर्युक्त लक्षण वाला जल आगम में प्रासुक कहा गया है तथापि अत्यावश्यकता वश उससे स्नान ही करना चाहिए, उसे बिना छने पीना नहीं चाहिए। वस्त्र धोने तथा नहाने का पानी जलाशय में नहीं जाना चाहिए।
अहिंसा