Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अहिंसा

दया से परिपूर्ण हृदय वाला जो गृहस्थ छने हुए जल से सब कार्य करता है वह मोक्ष को प्राप्त होता है।

The householder full of compassion in heart, who does all his work with filtered water, attains liberation.

— आराध्य सूत्र · धर्मोपदेश पीयूष श्रावकाचार · #249

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वायु से ताड़ित, पत्थर तथा घटीयन्त्र से ताड़ित एवं सूर्य की किरणों से संतप्त वापिका के जल को मुनि प्रासुक मानते हैं, यद्यपि उपर्युक्त लक्षण वाला जल आगम में प्रासुक कहा गया है तथापि अत्यावश्यकता वश उससे स्नान ही करना चाहिए, उसे बिना छने पीना नहीं चाहिए। वस्त्र धोने तथा नहाने का पानी जलाशय में नहीं जाना चाहिए।
अहिंसा