अहिंसा सबसे ज्यादा हिंसा बुरा चिन्तन करने से होती है। The greatest violence is done by evil thinking. — आराध्य सूत्र · #1875 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
दया से परिपूर्ण हृदय वाला जो गृहस्थ छने हुए जल से सब कार्य करता है वह मोक्ष को प्राप्त होता है। अहिंसा 0 – भेजें
सत्पुरुषों ने जैनधर्म के नीति मार्ग में ऐसा ही कहा है कि पानी का छानना धर्म है, जैनियों का यह धर्म तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। अहिंसा 0 – भेजें
जिनेन्द्र भगवान् ने पृथ्वी पर जीव दया की सिद्धि के लिए मोटे सूत के दुहरे वस्त्र से पानी छानने को पुण्य कहा है। अहिंसा 0 – भेजें
श्रीमज्जैनधर्म में निपुण तथा जीवदया में सदा तत्पर रहने वाले मनुष्यों को पानी छानने की शुभ क्रिया में प्रमाद नहीं करना चाहिए। अहिंसा 0 – भेजें
जो छना जल पीते हैं वे इस जगत् में भव्य एवं बुद्धिमान् हैं, अन्यथा पाप से विकल हृदय वाले पुरुष पशु तुल्य हैं। अहिंसा 0 – भेजें
नदियों और तालाबों का जो गहरा पानी, वायु तथा घाम से अच्छी तरह स्पृष्ट है, उस जल में प्रवेश कर स्नान के योग्य नहीं माना गया है बर्तन में लेकर प्रयोग कर सकते हैं। अहिंसा 0 – भेजें