गुरु और राजा के सामने ऊँचे आसन पर न बैठे और न ही उनके वचनों का तर्क द्वारा खंडन करें। विनम्रता 0 – भेजें
जैसे आप अपनी सम्पत्ति अपने पुत्रों को सौंपते हो वैसे ही जिनशासन की सम्पत्ति सदाचरण द्वारा सौंपना चाहिए। धर्म 0 – भेजें
शालीनता ऊँचे अध्ययन से नहीं अच्छे संस्कारों से आती है, हमारी शालीनता दूसरों के लिए आदर्श बन जाती है। चरित्र 0 – भेजें
आज गुरु को छोड़कर शिष्य, माता-पिता को छोड़कर बेटा-बेटी क्यों भाग रहे हैं? क्योंकि जन्म तो दिया पर संस्कार नहीं दिये हैं। परिवार 0 – भेजें