Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 42

घड़ी घड़ी सजगता

19 सूत्र

उस एक अभिशाप के नीचे, जिसे लोग 'दरिद्रता' कहते हैं, हजार तरह की आपत्तियाँ और उपद्रव छिपे हुए हैं।
धन
जो लोग माँगते हैं उनसे आचार्य एक भिक्षा माँगते हैं कि यदि तुम्हें माँगना ही है, तो उन लोगों से माँगो जो देने में हीला-हवाली नहीं करते हैं।
धर्म
जिन्दगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है एक पिता जिसने आपकी जीत के लिए सब कुछ हारा है और दूसरी 'माँ' जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा है।
परिवार
समय मूल्यवान है पर सत्य समय की अपेक्षा अधिक मूल्यवान है।
समय
जो समय बचाते हैं वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन कमाये हुए धन के बराबर है। इसलिए जिन्हें समय का मूल्य नहीं, वे दुनिया का कितना धन खो देते होंगे इसका हिसाब कौन लगा सकता है?
समय
समय रूपी अमृत बहता जा रहा है, संभव है तुम्हें प्यास बुझाने का अवसर फिर न मिले।
समय
जो समय चिंता में गया, समझो कूड़ेदान में गया, जो समय चिंतन में गया, समझो तिजोरी में जमा हो गया।
समय
चक्रवर्ती की सम्पूर्ण सम्पदा से भी मनुष्य भव का एक समय कीमती है।
समय
जो समय को नष्ट करता है, उसे समय नष्ट कर देता है।
समय
समय को नहीं कर्मों को काटो।
समय
समय का सदुपयोग करने वाला ही समयसार (आत्मा के सार) को उपलब्ध कर पाता है।
समय
समय हाथ से निकल जाने पर केवल पश्चाताप ही हाथ लगता है।
समय
समय एवं सम्पत्ति का सदुपयोग करो, स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
समय
विश्व में दरिद्रता के समान कोई कष्ट नहीं है।
धन
यदि आपको जीवन प्यारा है तो समय को व्यर्थ मत गँवाओ।
समय
दिन में मत सोओ, पुरुषार्थ करो दरिद्रता दूर हो जायेगी।
पुरुषार्थ
जो समय की कीमत नहीं करता वह कोई महान् कार्य नहीं कर सकता है।
समय
माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को घर से ही नियमितता का पाठ पढ़ायें।
परिवार
यदि कोई मनुष्य अपना कार्य नियमित रूप से नहीं करता है, तो उसे सफलता कदापि नहीं मिल सकती है।
पुरुषार्थ