Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

आचार्य श्री की दीक्षा स्थली अजमेर में जिनालय बनाया गया है, जन्मस्थली सदलगा में भी जिनालय बनाया गया है।

At Ajmer, the place of Acharya-shri's initiation, a Jain temple has been built, and at Sadalga, his birthplace, a temple has also been built.

— आराध्य सूत्र · #22

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति