Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

प्रभु से पद की नहीं परमपद की प्रार्थना करो।

Pray to the Lord not for position, but for the supreme state (liberation).

— आराध्य सूत्र · #271

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति