Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

गुरु की महिमा वरणी न जाय। गुरु नाम जपूँ मन वचन काय।।

The glory of the guru cannot be described; let me chant the guru's name in mind, speech and body.

— आराध्य सूत्र · #56

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति