Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

भव जल में डूबे हुए कर्म मगर दे त्रास। गुरु नौका पर बैठकर होवे भव से पार।।

Drowning in the waters of worldly existence, the crocodile of karma torments; seated in the boat of the guru one crosses beyond that existence.

— आराध्य सूत्र · #55

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति