Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः। गुरूःसाक्षात् परमब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः।।

गुरू ब्रह्मा-विष्णु-महेश तथा साक्षात् परम ब्रह्म हैं इसलिए गुरुजी के लिए नमस्कार है।

The Guru is Brahma, Vishnu and Maheshwar, and is the Supreme Brahman itself; therefore salutation to the revered Guru.

— आराध्य सूत्र · #19

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति