Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

दृष्टि गुरु- जैसे मछली अण्डा देखकर पकाती है वैसे ही गणधर मानस्तम्भ या तीर्थंङ्कर को देखकर दीक्षित होते हैं।

The guru of sight: just as a fish hatches her eggs by looking at them, so the Ganadharas take initiation by beholding the Manastambha or the Tirthankar.

— आराध्य सूत्र · #15

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति