Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

श्रद्धा है तो गुरु में भी भगवान् के दर्शन कर लेता है, जैसे एकनलव्य ने मिट्टी के गुरु के सामने लक्ष्य प्राप्त कर लिया। नहीं तो रावण के सामने राम, कंस के सामने कृष्ण खड़े थे, पर उन्हीं के निमित्त से दुर्गति प्राप्त कर ली थी।

If one has faith one beholds God even in the guru — as Eklavya achieved his aim before a guru of clay. Otherwise Ram stood before Ravan and Krishna before Kansa, yet through those very ones they earned an evil fate.

— आराध्य सूत्र · #7

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति