Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

मिथ्यादृष्टि देव भी नन्दीश्वर की वन्दना करने जाते हैं तभी तो लिखा है ''वयन नहीं कहे, लखि होत सम्यक धरम''।

Even wrong-believing gods go to worship at Nandishwar; that is why it is written, 'It is not said in words; on seeing it right dharma arises.'

— आराध्य सूत्र · #64

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति