Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

मिट्टी पर पानी पड़ने से आर्द्र हो जाती है, उसी प्रकार जिनवाणी माँ के श्रवण से भाव आर्द्र होते हैं जैसे हल्दी और चूना को मिलाते ही रंग बदल जाता है उसी प्रकार जिनवाणी माँ के शब्द कान में पड़ते ही अंतरंग बदल जाता है।

As earth grows moist when water falls on it, so the dispositions grow tender on hearing Mother Jinvani; and as turmeric and lime change colour the moment they are mixed, so the inner being changes the moment the words of Mother Jinvani fall upon the ears.

— आराध्य सूत्र · #14

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति