Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिन भक्ति सम्यक्त्व का कारण है, श्रुत भक्ति ज्ञान का कारण है और गुरु भक्ति चारित्र का कारण है।

Devotion to the Jina is the cause of right faith, devotion to scripture is the cause of knowledge, and devotion to the guru is the cause of conduct.

— आराध्य सूत्र · #11

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति