Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जब मकान, दुकान, भोजन, स्नान छोड़ दो, तब पूजा छोड़ देना इसके पहले नहीं छोड़ना, पूजा ग्रहस्थी में बंधे पापों को धोने के लिए साबुन के समान है।

Give up worship only when you give up house, shop, food and bathing — not before; worship is like soap for washing off the sins bound in household life.

— आराध्य सूत्र · #27

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति