Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

समकित दर्शन ज्ञान अगुरुलघु अवगाहना। सूक्ष्म वीरजवान निराबाध गुण सिद्ध के।। सिद्धों का सुमिरण करे, पाप रहे न कोय। करम झरत क्षण एक में, निज गुण सिद्धि होय।।

Right-faith, perception, knowledge, agurulaghutva (equal-lightness), inconceivable subtle extension, energy and unobstructedness — these are the qualities of the Siddhas. Whoever remembers the Siddhas has no sin remaining; karmas fall away in a moment and one attains one's own perfected qualities.

— आराध्य सूत्र · #105

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति