Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

सास अपनी बहु को मन्दिर ले गयी उसे गाय को देखकर दूध की याद आ गयी राक्षस का स्टेच्यु देखकर डर गयी, सास ने कहा इसी प्रकार भगवान् के दर्शन से अपने स्वरूप की याद आ जाती है, इसलिए जिनदर्शन जरूरी है, अतः हमें अन्य को न देखकर अपने आदर्श को देखना चाहिए जिससे हमें उन जैसा बनने की प्रेरणा मिलती रहे।

A mother-in-law took her daughter-in-law to the temple; seeing a cow she remembered milk, seeing a demon's statue she grew afraid. The mother-in-law said: likewise, beholding the Lord reminds one of one's own true nature, so seeing the Jina is essential. Hence we should look not at others but at our ideal, so we are ever inspired to become like Him.

— आराध्य सूत्र · #94

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति