Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

देव-शास्त्र-गुरू का चेहरा नहीं स्वरूप का दर्शन-चिन्तन किया जाता है।

One contemplates and beholds not the face but the true nature of the Deity, Scripture and Guru.

— आराध्य सूत्र · #87

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति