Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिने भक्ति र्जिने भक्ति र्जिने भक्ति र्दिने दिने। सदामेऽस्तु सदामेऽस्तु सदामेऽस्तु भवे भवे।।

जिनेन्द्र भगवान् में मेरी भक्ति हो, जिनेन्द्र भगवान् में मेरी भक्ति हो, जिनेन्द्र भगवान् में मेरी भक्ति हो, हमेशा हो, हमेशा हो, हमेशा हो, पूज्यपाद महाराज जी ने ऐसी भावना व्यक्त की है।

May I have devotion to Lord Jinendra, devotion to Lord Jinendra, devotion to Lord Jinendra, day after day — always, always, always, birth after birth. Such was the aspiration expressed by revered Pujyapada Maharaj.

— आराध्य सूत्र · #72

इसी विषय के और सूत्र

सभी भक्ति →
हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति