Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

'प्रभू चरण छह तीन रहू, दुनिया से छत्तीस' भगवद् भक्ति 63 की तरह, संसार से उदासीनता 36 की तरह होना चाहिए।

'Stay as 63 toward the Lord's feet and as 36 (turned away) from the world' — devotion to God should be like 63 (facing toward), and indifference to the world like 36 (turned away).

— आराध्य सूत्र · #58

इसी विषय के और सूत्र

सभी भक्ति →
हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति