नासा मुखे तथा नेत्रे, हृदये नाभि मण्डले। स्थानेषु व्यङ्गी तेष्वेषु, प्रतिमां नैव पूज्यते।।
नाक, मुख, नेत्र, हृदय, नाभि मण्डल के भग्न होने पर उस प्रतिमा की पूजा नहीं करनी चाहिये।
When the nose, mouth, eyes, heart or navel-region are broken, that image should not be worshipped.
— आराध्य सूत्र · #40
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