Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

हे देव! आपके चरण युगल के दर्शन से कर्मों का क्षय होता है, दर्शन करने वाला व्यक्ति बोधि तथा समाधि को, संसार की निकटता को, पाप के मूल कारण के विनाश को तथा परलोक में सर्वार्थसिद्धि के विपुल सुख को प्राप्त होता है।

O Deva! By beholding the pair of Your feet, karmas are destroyed; the beholder attains enlightenment and a peaceful death, the nearing of the end of worldly existence, the destruction of the root cause of sin, and, in the next world, the abundant bliss of Sarvarthasiddhi.

— आराध्य सूत्र · #39

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति