Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

हे भगवन्! आज आपके दर्शन से मेरे नेत्र कृतकृत्य हो गये हैं, जन्म सफल हो गया है और सब पाप विलीन हो गये हैं।

O Lord! Today by beholding You my eyes have fulfilled their purpose, my birth has become fruitful, and all my sins have dissolved away.

— आराध्य सूत्र · #38

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति