Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

पुजारी प्रार्थना करता है, हे प्रभो! तुम्हे जो मिला है वह मुझे भी मिल जाय और भिखारी याचना करता है कि हे प्रभु! तुमने जो छोड़ा है वह मुझे मिल जाय।

The worshipper prays, 'O Lord, may I too obtain what You have obtained,' while the beggar begs, 'O Lord, may I obtain what You have renounced.'

— आराध्य सूत्र · #22

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति