Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जो तीनों कालों में निर्वाण भक्ति पढ़ता है वह स्वर्ग-मोक्ष का पात्र होता है।

One who recites the Nirvana Bhakti at the three times of day becomes worthy of heaven and liberation.

— आराध्य सूत्र · #18

इसी विषय के और सूत्र

सभी भक्ति →
हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति