Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

माता-पिता के घर, मित्र के घर, गुरु के घर और ईश्वर के घर जाने के लिए निमन्त्रण की जरुरत नहीं होती है।

To go to the house of one's parents, of a friend, of the guru, or of God, no invitation is needed.

— आराध्य सूत्र · #14

इसी विषय के और सूत्र

सभी भक्ति →
हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति