Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

लोग भगवान् का भजन तो करते हैं पर श्रद्धा नहीं करते, आप भगवान् का भजन भले ही न करें पर उनके ऊपर श्रद्धा अवश्य करें, किन्तु 'अति भक्ति से प्रबल अन्तराय कर्म की शक्ति क्षीण अवश्य हो जाती है'।

People sing of God but do not have faith; even if you do not sing of God, do have faith in Him — for 'through intense devotion the power of even strong obstructive (antaraya) karma is surely diminished.'

— आराध्य सूत्र · #12

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति