Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

अकृत्रिम जिन प्रतिमाओं के दोनों ओर श्री देवी और सरस्वती देवी स्त्री का रूप धारण कर खड़ी हैं, सर्वाल्हाद और सनतकुमार नाम के यक्षदेव खड़े हैं।

On both sides of the eternal (non-artificial) Jina images stand the goddesses Shri and Sarasvati in female form, and the yaksha-deities named Sarvahlada and Sanatkumara.

— आराध्य सूत्र · त्रि.सा. · #11

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति