Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिनाधीशस्य सत्पूजां, वारैकं य: करोति स:। सुखं संसारजं लब्ध्वा, मुक्तिस्त्रीं च वशं नयेत्।।

जो जिनेन्द्र भगवान की एक बार भी समीचीन रूप से पूजा करता है वह संसार के सुखों को भोगकर मोक्ष प्राप्त करता है।

Whoever worships Lord Jinendra rightly even once enjoys the pleasures of the world and then attains liberation.

— आराध्य सूत्र · #8

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति