Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

संसार में गुरू कृपा सबसे निराली, होली यही दशहरा यह ही दीवाली। जो शिष्य है वह सदैव ऋणी रहेगा, कोई कभी न उपकार चुका सकेगा।।

In this world the grace of the Guru is the most wondrous of all — this is Holi, this is Dussehra, this is Diwali. The one who is a pupil will forever remain in debt; no one can ever fully repay the favour.

— आराध्य सूत्र · #9

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति