जो मनुष्य जैन मन्दिर बनवाता है, उसके लिए समस्त संसार किंकर के समान आचरण करता है और वह शीघ्र ही मोक्ष को प्राप्त होता है।
For the person who builds a Jain temple, the whole world behaves like a servant, and he soon attains liberation.
— आराध्य सूत्र · #6249
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