Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिनदेव गुरु पूजक हाथ सफल हैं हिंसा में प्रवृत्त हाथ निष्फल हैं।

Hands that worship the Jina and the guru are worthwhile; hands engaged in violence are worthless.

— आराध्य सूत्र · #6211

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति