Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

देव-शास्त्र-गुरु के दर्शन से नेत्र सफल होते हैं अन्यत्र देखने से नेत्र पाप देने वाले होते हैं।

The eyes are made worthwhile by beholding the deity, scripture and guru; looking elsewhere makes the eyes givers of sin.

— आराध्य सूत्र · #6208

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति