Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

ईश्वर से प्रार्थना का उद्देश्य माँगना होता है, अभी जो कुछ मिला है उसके लिए धन्यवाद देंगे तो शायद बिना माँगे ज्यादा पा सकेंगे।

The usual aim of prayer to God is to ask; but if we give thanks for what we already have, perhaps we will receive more without even asking.

— आराध्य सूत्र · #5038

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति