Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

देवों के पास जो विभूति है मनुष्यों के पास नहीं अतः विशेष रूप से देव पञ्चकल्याणक मनाते हैं, क्षीरसागर से देव ही जल ला सकते हैं।

The divine powers that the gods possess are not available to humans, so it is chiefly the gods who celebrate the Panchakalyanaka; only the gods can bring water from the Ocean of Milk.

— आराध्य सूत्र · #4984

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति