Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

मंदिर जी के गर्भगृह का वही महत्त्व है, जो हमारे शरीर में पेट का है, गर्भगृह में ऊर्जा संग्रहीत होती है, बिजली पानी को पहले संगृहीत किया जाता है फिर प्रवाहित किया जाता है उसी प्रकार मंदिरों और शिखरों में मंत्रादि से ऊर्जा संग्रहीत होती है अतः उन्हें पवित्र रखना चाहिए।

The sanctum of a temple has the same importance as the stomach in our body; energy is stored in the sanctum, just as electricity and water are first stored and then released; likewise energy is stored in temples and spires through mantras, so they should be kept pure.

— आराध्य सूत्र · #4967

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति