Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जो मनुष्य प्रभु के गुणों का उत्साहपूर्वक गान करते हैं, उन्हें अपने–बुरे कर्मों का दु:खद फल नहीं भोगना पड़ता है।

Those who enthusiastically sing the virtues of the Lord do not have to suffer the painful fruit of their bad deeds.

— आराध्य सूत्र · #4580

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति